बाल काण्ड अध्याय 59 | 0 श्लोक

त्रिशंकु के लिए विश्वामित्र का यज्ञ

बाल काण्ड का उनसठवाँ सर्ग राजा त्रिशंकु की स्वर्ग प्राप्ति की अटूट इच्छा और महर्षि विश्वामित्र द्वारा उनके लिए किए गए अद्भुत यज्ञ का वर्णन करता है। जब सभी ऋषियों और देवताओं ने त्रिशंकु को अस्वीकार कर दिया, तब विश्वामित्र ने अपनी तपस्या के बल से एक नया स्वर्ग बनाकर त्रिशंकु को उसी शरीर से स्वर्ग लोक भेज दिया।

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