बाल काण्ड
अध्याय 55 | 0 श्लोक
विश्वामित्र की पराजय
बाल काण्ड का पचपनवाँ सर्ग विश्वामित्र की तपस्या में विघ्न की कथा प्रस्तुत करता है। देवराज इन्द्र, विश्वामित्र की कठोर तपस्या से भयभीत होकर, अप्सरा मेनका को उनकी तपस्या भंग करने के लिए भेजते हैं। मेनका के सौन्दर्य और मोहक लीलाओं से विश्वामित्र की तपस्या भंग हो जाती है, जिससे उन्हें अपनी पराजय का अनुभव होता है और वे पुनः कठोर तप के लिए संकल्पबद्ध होते हैं।
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