बाल काण्ड
अध्याय 49 | 0 श्लोक
अहिल्या का श्राप से मुक्ति
बाल काण्ड का ४९वाँ सर्ग अहिल्या के उद्धार का वर्णन करता है। राम एवं लक्ष्मण विश्वामित्र के साथ गौतम ऋषि के आश्रम में पहुँचते हैं, जहाँ अहिल्या शिला के रूप में पड़ी हैं। राम के चरण-स्पर्श मात्र से वह शाप से मुक्त होकर पुनः अपने मूल स्वरूप को प्राप्त कर लेती हैं। गौतम ऋषि भी आकर उनसे मिलते हैं और राम की स्तुति करते हैं।
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