बाल काण्ड
अध्याय 47 | 0 श्लोक
मरुतों और विशाला की कहानी
बाल काण्ड का सैंतालीसवाँ सर्ग विश्वामित्र द्वारा राम-लक्ष्मण को मरुतों (देवताओं) की कथा सुनाने और विशाला नगरी की स्थापना के विषय में बताता है। इसमें इन्द्र के भय से मरुतों के त्राण की कथा तथा विशाला नगरी के नामकरण और महिमा का वर्णन है।
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