बाल काण्ड अध्याय 45 | 0 श्लोक

समुद्र मंथन की कहानी

बाल काण्ड का पैंतालीसवाँ सर्ग समुद्र मंथन की प्रसिद्ध कथा का वर्णन करता है। ऋषि विश्वामित्र राम और लक्ष्मण को यह कथा सुनाते हैं, जिसमें देवताओं और दानवों द्वारा क्षीरसागर का मंथन, हलाहल विष का निकलना, भगवान शिव द्वारा विषपान, मंथन से निकले रत्न, धन्वन्तरि का प्राकट्य तथा भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार द्वारा अमृत वितरण का वर्णन है।

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