बाल काण्ड
अध्याय 43 | 0 श्लोक
भगीरथ द्वारा गंगा का लाना
बाल काण्ड के तैंतालीसवें सर्ग में भगीरथ के कठोर तप द्वारा गंगा को पृथ्वी पर लाने की दिव्य कथा वर्णित है। राजा भगीरथ अपने पूर्वजों—राजा सगर के साठ हज़ार पुत्रों—के उद्धार के लिए गंगा को स्वर्ग से पृथ्वी पर लाने का संकल्प लेते हैं। गंगा के अवतरण की यह अद्भुत घटना शिव की जटाओं में गंगा के बंधन, उनके पृथ्वी पर प्रवाहित होने और अंततः सगरपुत्रों के भस्मों को पवित्र कर उन्हें मोक्ष दिलाने तक की गाथा प्रस्तुत करती है।
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