बाल काण्ड
अध्याय 41 | 0 श्लोक
यज्ञ की पूर्णता और देवताओं का आगमन
बाल काण्ड का इकतालीसवाँ सर्ग ऋष्यशृंग द्वारा आयोजित पुत्रकामेष्टि यज्ञ की पूर्णता और उसके फलस्वरूप देवताओं के प्रकट होने का वर्णन करता है। यज्ञ के समापन पर देवगण यज्ञभाग ग्रहण करने आते हैं और राजा दशरथ को पुत्र प्राप्ति का वरदान देते हैं।
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