बाल काण्ड अध्याय 37 | 0 श्लोक

कार्तिकेय का जन्म

बालकाण्ड के सैंतीसवें सर्ग में भगवान शिव के तेज से कार्तिकेय के जन्म की कथा वर्णित है। देवताओं के सेनापति के रूप में कार्तिकेय की उत्पत्ति, तारकासुर के वध की तैयारी, और उनके बाललीला का वर्णन है।

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