बाल काण्ड अध्याय 32 | 0 श्लोक

कुशनाभ की कहानी

बाल काण्ड का बत्तीसवाँ सर्ग राजा कुशनाभ और उनकी पुत्रियों की कथा प्रस्तुत करता है। विश्वामित्र राम-लक्ष्मण को राजा कुशनाभ के इतिहास से अवगत कराते हैं, जिनकी सौ पुत्रियाँ थीं। यह सर्ग वायु देव के प्रकोप, कन्याओं के विकृतीकरण और गालव ऋषि द्वारा उनके उद्धार की कथा कहता है।

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