बाल काण्ड अध्याय 31 | 0 श्लोक

मिथिला की यात्रा

बाल काण्ड का एकत्रिंश सर्ग विश्वामित्र, राम और लक्ष्मण के मिथिला नगरी की ओर प्रस्थान का वर्णन करता है। ऋषि विश्वामित्र राजा जनक के यज्ञ की रक्षा तथा सीता स्वयंवर में भाग लेने हेतु राम-लक्ष्मण को साथ लेकर मिथिला जाते हैं। मार्ग में वे गंगा नदी को पार करते हैं, अनेक आश्रमों एवं तीर्थों के दर्शन करते हैं और अंततः मिथिला पहुँचते हैं, जहाँ राजा जनक उनका भव्य स्वागत करते हैं।

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