बाल काण्ड
अध्याय 30 | 0 श्लोक
राम की रक्षा
बाल काण्ड का तीसवाँ सर्ग विश्वामित्र द्वारा राम को बल एवं अतिबल नामक दिव्य विद्याओं का उपदेश देने का वर्णन करता है। ये विद्याएँ राम को रात्रि में थकान, निद्रा एवं भूख-प्यास से मुक्त रखने वाली तथा उनकी रक्षा करने वाली हैं। इसके प्रभाव से राम अगले दिन तक तरोताजा बने रहते हैं।
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