बाल काण्ड अध्याय 29 | 0 श्लोक

विश्वामित्र की तपस्या

बाल काण्ड का उनतीसवाँ सर्ग विश्वामित्र के द्वारा घोर तपस्या किए जाने का वर्णन करता है। इन्द्र के भयभीत होने पर देवताओं द्वारा मेनका को विश्वामित्र की तपस्या भंग करने के लिए भेजा जाना, मेनका के प्रभाव से विश्वामित्र का तपोभंग, तथा क्रोध में आकर विश्वामित्र द्वारा मेनका को शाप देने की तैयारी और फिर उनके द्वारा अपने क्रोध पर नियंत्रण करके हिमालय की ओर प्रस्थान करना, इस सर्ग की प्रमुख घटनाएँ हैं।

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