बाल काण्ड
अध्याय 17 | 0 श्लोक
वानरों की उत्पत्ति
बाल काण्ड का सत्रहवाँ सर्ग वानरों की उत्पत्ति की कथा प्रस्तुत करता है। इसमें वर्णन है कि किस प्रकार देवताओं के आदेश पर विभिन्न देवांशों से वानरों का जन्म हुआ, जो भगवान राम को उनके अवतार कार्य में सहायता प्रदान करने वाले थे। ऋष्यमूक पर्वत पर निवास करने वाले सुग्रीव, हनुमान, अंगद, जाम्बवान, नल, नील और अन्य प्रमुख वानरों के जन्म का वर्णन इस सर्ग का मुख्य विषय है।
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