बाल काण्ड अध्याय 14 | 0 श्लोक

अश्वमेध यज्ञ

बाल काण्ड का चतुर्दश सर्ग राजा दशरथ द्वारा पुत्रकामेष्टि यज्ञ की तैयारी के रूप में अश्वमेध यज्ञ के आयोजन का वर्णन करता है। राजर्षि दशरथ ऋषि वसिष्ठ एवं अन्य ऋत्विजों के परामर्श से अश्वमेध यज्ञ करने का निश्चय करते हैं और उसकी सभी तैयारियाँ प्रारम्भ होती हैं।

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