बाल काण्ड अध्याय 13 | 0 श्लोक

अश्वमेध यज्ञ की व्यवस्था

बाल काण्ड का त्रयोदश सर्ग अश्वमेध यज्ञ के आयोजन का विस्तृत वर्णन करता है। राजा दशरथ, ऋष्यशृंग और वसिष्ठ के परामर्श से, पुत्रकामेष्टि यज्ञ की पूर्ति के लिए अश्वमेध यज्ञ करने का निश्चय करते हैं। यज्ञ की सभी व्यवस्थाएँ की जाती हैं, यज्ञ का घोड़ा छोड़ा जाता है और उसकी रक्षा हेतु सैनिक नियुक्त किए जाते हैं।

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