अयोध्या काण्ड
अध्याय 91 | 0 श्लोक
स्वर्णमृग को देखकर सीता का मोह
राम-लक्ष्मण-सीता के पंचवटी निवास के दौरान राक्षस मारीच स्वर्णमृग का रूप धारण कर आता है। उस सुन्दर मृग को देख सीता मोहित हो जाती हैं और राम से उसे पकड़ने का आग्रह करती हैं। लक्ष्मण के मना करने पर भी राम उसे पकड़ने जाते हैं, जो आगे सीता हरण का कारण बनता है।
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