अयोध्या काण्ड अध्याय 86 | 0 श्लोक

रावण का मारीच से मिलना

रावण सीता हरण की योजना बनाते हुए मारीच से सहायता माँगने उसके आश्रम जाता है। मारीच राम के पराक्रम से भयभीत है और रावण को समझाता है कि यह कार्य अत्यंत कठिन है, किंतु रावण के आग्रह और धमकी के कारण वह स्वर्णमृग बनने को तैयार हो जाता है।

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