अयोध्या काण्ड अध्याय 55 | 0 श्लोक

भरत का पुनः आग्रह

इस सर्ग में भरत, राम के समक्ष पुनः अयोध्या लौटने का अत्यंत विनम्र और दृढ़ आग्रह प्रस्तुत करते हैं। वे राम के चरणों में गिरकर, माताओं की दशा और अयोध्या की विपदा का वर्णन करते हुए, उन्हें राज्य ग्रहण करने के लिए मनाने का प्रयास करते हैं, किंतु राम धर्म के मार्ग पर अडिग रहते हैं।

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