अयोध्या काण्ड अध्याय 5 | 0 श्लोक

कैकेयी का कोपभवन में जाना

इस सर्ग में मंथरा राम के राज्याभिषेक के समाचार से ईर्ष्यालु होकर कैकेयी के पास जाती है और उसे भरत के लिए राज्य तथा राम के लिए चौदह वर्ष के वनवास की माँग करने के लिए उकसाती है। कैकेयी मंथरा के बहकावे में आकर कोपभवन में चली जाती है और भूमि पर लेटकर राजा दशरथ की प्रतीक्षा करती है।

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