अरण्य काण्ड अध्याय 9 | 0 श्लोक

राक्षसों को मारने की राम की प्रतिज्ञा पर सीता की चिंता

अरण्यकाण्ड का नवाँ सर्ग राम द्वारा ऋषियों को दी गई राक्षसों के वध की प्रतिज्ञा पर सीता की चिंता और राम-लक्ष्मण से उनके संवाद का वर्णन करता है। सीता राम की प्रतिज्ञा से चिंतित होकर उनसे वन में राक्षसों से युद्ध न करने का आग्रह करती हैं, जिस पर राम और लक्ष्मण उन्हें क्षत्रिय धर्म और रक्षा के कर्तव्य का उपदेश देते हैं।

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