अरण्य काण्ड
अध्याय 58 | 0 श्लोक
सीता के अकेलेपन को लेकर राम की व्यथा
अरण्यकाण्ड के अट्ठावनवें सर्ग में राम सीता के वियोग में अत्यन्त व्याकुल होकर विलाप करते हैं। वे वन-वन भटकते हुए सीता की खोज करते हैं और लक्ष्मण से अपने दुःख का वर्णन करते हैं।
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