अरण्य काण्ड अध्याय 43 | 0 श्लोक

स्वर्णमृग का प्रलोभन

रावण की प्रेरणा से मारीच सोने के मृग का रूप धारण कर राम के आश्रम के समीप आता है। उस मोहक मृग को देखकर सीता मोहित हो जाती हैं और राम से उसे पकड़ने या मारने का आग्रह करती हैं। राम मृग के पीछे जाते हैं, और मारीच राम के बाण से घायल होकर राम की आवाज़ की नकल कर हा लक्ष्मण पुकारता है, जिससे सीता भयभीत होकर लक्ष्मण को राम के पास भेज देती हैं। यह घटना रावण के लिए सीता हरण का अवसर तैयार करती है।

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