अरण्य काण्ड
अध्याय 41 | 0 श्लोक
मारीच द्वारा रावण को रोकना
अरण्यकाण्ड के इकतालीसवें सर्ग में रावण, मारीच के पास जाकर सीता हरण में सहायता माँगता है। मारीच राम के पराक्रम से भयभीत होकर उसे रोकने का प्रयास करता है और अपना पूर्व अनुभव सुनाता है, परंतु रावण उसकी बात नहीं मानता और बलपूर्वक उसे सहायता के लिए विवश करता है।
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