अरण्य काण्ड
अध्याय 38 | 0 श्लोक
मारीच का रावण को उपदेश
रावण सीता हरण की योजना बनाकर मारीच के पास जाता है और उससे सहायता माँगता है। मारीच राम के बल और पराक्रम का वर्णन करते हुए रावण को इस दुष्कर्म से रोकने का प्रयास करता है, लेकिन रावण उसकी एक नहीं सुनता और बलपूर्वक उसे स्वर्ण-मृग बनने के लिए विवश कर देता है। मारीच अन्त में रावण के सर्वनाश की भविष्यवाणी करता है।
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