अरण्य काण्ड अध्याय 30 | 0 श्लोक

खर का वध

अरण्यकाण्ड का तीसवाँ सर्ग भीषण युद्ध का वर्णन करता है जिसमें भगवान राम अकेले ही राक्षसाधिपति खर, दूषण और त्रिशिरा सहित चौदह हजार राक्षसों का संहार करते हैं। यह सर्ग राम के अद्वितीय पराक्रम और धर्म-रक्षा के संकल्प का प्रतीक है।

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