अरण्य काण्ड
अध्याय 27 | 0 श्लोक
त्रिशिरा का वध
अरण्यकाण्ड के सत्ताईसवें सर्ग में भगवान राम का त्रिशिरा राक्षस से युद्ध और उसके वध का वर्णन है। त्रिशिरा, जो खर-दूषण की सेना का एक प्रमुर्ण योद्धा था, राम पर आक्रमण करता है और अन्ततः राम के बाणों से मारा जाता है।
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