अरण्य काण्ड
अध्याय 23 | 0 श्लोक
खर की सेना के सामने अपशकुन
अरण्यकाण्ड का तेईसवाँ सर्ग युद्ध की पूर्व संध्या का वर्णन करता है। खर की विशाल सेना के आक्रमण के लिए प्रस्थान करने पर भयंकर अपशकुन प्रकट होते हैं। आकाश, पशु-पक्षी और प्रकृति के अंग युद्ध में खर की पराजय और राम की विजय के संकेत देते हैं, किन्तु मदांध खर उनकी उपेक्षा कर देता है।
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