अरण्य काण्ड
अध्याय 21 | 0 श्लोक
शूर्पणखा द्वारा रावण को राक्षसों की मृत्यु की सूचना
अरण्यकाण्ड के इस इक्कीसवें सर्ग में शूर्पणखा, जिसके कारण खर-दूषण सहित चौदह हजार राक्षस मारे गए, अब लंका जाकर रावण को सम्पूर्ण वृत्तान्त सुनाती है। वह राम के पराक्रम का वर्णन करती है और सीता के रूप एवं राम-लक्ष्मण की शक्ति का बखान कर रावण को उत्तेजित करती है। रावण क्रोधित होकर सीता के हरण का निश्चय करता है।
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