अरण्य काण्ड अध्याय 2 | 0 श्लोक

विराध से सामना

अरण्यकाण्ड के द्वितीय सर्ग में भगवान राम, सीता और लक्ष्मण का दण्डकारण्य में भयंकर राक्षस विराध से सामना होता है। विराध सीता को हरण कर लेता है, किन्तु राम-लक्ष्मण उसका वध करके सीता को मुक्त कराते हैं और विराध को श्राप से मुक्ति मिलती है।

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