अरण्य काण्ड अध्याय 11 | 0 श्लोक

ऋषियों मांडकर्णि और अगस्त्य की कहानियाँ

अरण्यकाण्ड का ग्यारहवाँ सर्ग राम और अगस्त्य ऋषि के मिलन का वर्णन करता है। अगस्त्य ऋषि राम का अतिथि-सत्कार करते हैं और उन्हें दिव्य अस्त्र प्रदान करते हैं। इसी संवाद में अगस्त्य ऋषि राम को महर्षि मांडकर्णि की अद्भुत तपस्या और उसके फलस्वरूप प्राप्त हुई पाँच अप्सराओं की कथा सुनाते हैं।

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