अरण्य काण्ड
अध्याय 10 | 0 श्लोक
सीता को राम का उत्तर
इस सर्ग में सीता, राम द्वारा वर्णित वन के कठिनाइयों के वर्णन के उत्तर में अपनी अटल निष्ठा और पतिव्रता धर्म का प्रतिपादन करती हैं। वे राम को विश्वास दिलाती हैं कि वे उनके बिना सुख-सुविधाओं की कामना नहीं करतीं और वनवास को भी राज्य से श्रेष्ठ मानती हैं।
अध्याय के सभी श्लोक
इस अध्याय में अभी कोई श्लोक उपलब्ध नहीं है।