🙏 मेरी माई है – धुप समय की लाख सताए

(Meri Mai Hai Lyrics In Hindi) – Maa Bhajan 2026

माँ की महिमा का गान

📝 भजन विवरण

🎤 शैली: माँ भजन / दुर्गा भजन
🏷️ श्रेणी: भक्ति गीत
📍 भाव: माँ की ममता, श्रद्धा, समर्पण

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

मेरी माई है
धुप समय की लाख सताए,
मुझमे हिम्मत बाकी है,
धुप समय की लाख सताए,
मुझमे हिम्मत बाकी है......

॥ अंतरा १ ॥

मेरा सर ढकने को माई तेरी चुनर काफी है,
क्या मांगे वो बेटा जिसने माँ की ममता पाई है,
एक तरफ है ये जग सारा एक तरफ मेरी माई है,
क्या मांगे वो बेटा जिसने माँ की ममता पाई है,
एक तरफ है ये जग सारा एक तरफ मेरी माई है......

॥ अंतरा २ ॥

जगराता तेरा गाऊं मईया रोज मुझे वो रैन मिले,
तेरे चरण ही मेरी शरण है और कहीं ना चैन मिले,
जगराता तेरा गाऊं मईया रोज मुझे वो रैन मिले,
तेरे चरण ही मेरी शरण है और कहीं ना चैन मिले......

॥ अंतरा ३ ॥

तू ही पुण्य प्रताप है मेरा तू ही कर्म कमाई है,
तू ही पुण्य प्रताप है मेरा तू ही कर्म कमाई है......

क्या मांगे वो बेटा जिसने माँ की ममता पाई है,
एक तरफ है ये जग सारा एक तरफ मेरी माई है,
क्या मांगे वो बेटा जिसने माँ की ममता पाई है,
एक तरफ है ये जग सारा एक तरफ मेरी माई है......

॥ अंतरा ४ ॥

कौन डिगाये पथ से उसे जो तुझपे भरोसा कर ले माँ,
भर के पलक मैं तुझे निहारूं तेरी छवि दुख हर ले माँ,
कौन डिगाये पथ से उसे जो तुझपे भरोसा कर ले माँ,
भर के पलक मैं तुझे निहारूं तेरी छवि दुख हर ले माँ......

॥ अंतरा ५ ॥

दर्द हैं लाखो दुनिया में तू सब दर्दों की दवाई है,
दर्द हैं लाखो दुनिया में तू सब दर्दों की दवाई है......

क्या मांगे वो बेटा जिसने माँ की ममता पाई है,
एक तरफ है ये जग सारा एक तरफ मेरी माई है......

मेरी माई है
धुप समय की लाख सताए,
मुझमे हिम्मत बाकी है,
मेरी माई है......

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह भजन "मेरी माई है" एक पुत्र की अपनी माँ के प्रति असीम श्रद्धा और विश्वास को दर्शाता है। जीवन की कठिनाइयों (धूप) से घिरे होने के बावजूद, उसे माँ की ममता रूपी छाँव से हिम्मत मिलती है। "मेरा सर ढकने को माई तेरी चुनर काफी है" पंक्ति में भक्त कहता है कि उसे सांसारिक सुख-सुविधाओं की नहीं, बस माँ के आशीर्वाद की आवश्यकता है।

"क्या मांगे वो बेटा जिसने माँ की ममता पाई है" इस भजन की आत्मा है। यह बताता है कि माँ का प्यार ही सबसे बड़ा धन है, जिसे पाकर कोई और कुछ माँगना नहीं चाहता। पूरा संसार एक तरफ और माँ दूसरी तरफ हो, तो भक्त माँ को चुनता है। यह माँ के प्रति पूर्ण समर्पण और उनकी महिमा का गान है।

🔍 माँ भजन का विशेष महत्त्व

माँ की चुनर – सुरक्षा का प्रतीक: इस भजन में "चुनर" माँ की कृपा और सुरक्षा का कवच है। भक्त को विश्वास है कि माँ का आशीर्वाद उसे हर मुसीबत से बचा लेगा।

अटूट विश्वास: "कौन डिगाये पथ से उसे जो तुझपे भरोसा कर ले माँ" यह पंक्ति सिखाती है कि जिसे माँ का सहारा मिल जाए, उसे कोई भी राह से नहीं भटका सकता। माँ में अटूट आस्था ही सबसे बड़ी शक्ति है।

दर्दों की दवा: "दर्द हैं लाखो दुनिया में तू सब दर्दों की दवाई है" इस भजन के अनुसार, माँ ही एकमात्र ऐसी शक्ति हैं जो सभी दुखों को दूर कर सकती हैं।

💖 ममता का सागर: माँ

🎯 संदेश

इस भजन का मूल संदेश यह है कि माँ का प्यार ही सबसे बड़ी पूंजी है। कठिन से कठिन समय में भी, माँ का आशीर्वाद और उन पर विश्वास ही व्यक्ति को हिम्मत देता है और उसका जीवन सफल बनाता है।

✨ आस्था का प्रतीक

मेरी माई है केवल एक भजन नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति की भावना है जो अपनी माँ को जगत-जननी का रूप मानता है। यह गीत माँ के प्रति प्रेम, समर्पण और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक मार्मिक माध्यम है।

🙏 सर्व मंगल मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरी, नारायणि नमोस्तुते।।

॥ माँ तुझे प्रणाम ॥
॥ एक तरफ है ये जग सारा एक तरफ मेरी माई है ।।