लान्गुरिया तेरी एक ना मानूंगी लिरिक्स (Languriya teri ek na manugi Lyrics in HIndi) - 


लान्गुरिया तेरी एक ना मानूंगी,

भवन मे छम छम नाचूँगी।।


भवन मे तूं कैसे जाओगी,

वहां पे तेरा ससुरा मिल जायेगा,

ससुर से, ससुर से, परदा कर लुंगी,

भवन मे छम छम नाचूँगी।।


भवन मे तूं कैसे जाओगी,

वहां पे तेरा जेठा मिल जायेगा,

जेठ से, जेठ से, पीछा फेरुँगि,

भवन मे छम छम नाचूँगी।।


भवन मे तूं कैसे जाओगी,

वहां पे तेरा देवर मिल जायेगा,

वहां पे तेरा न्ंदोई मिल जायेगा,

नंदोई को, देवर को, संग ना चालुन्गी,

भवन मे छम छम नाचूँगी।



*** Singer ▹Kajal Malik ***