कर ले तू सतसंग रसपान(Kar Le Tu Satsang Raspaan Lyrics in Hindi) - 



कर ले तू सतसंग रसपान प्रभु मेरे दौड़े आयेंगे।

भरोसा कर थोड़ा सा मन में।


प्रभु मेरे मिल जायेंगे छन में।

मन मन्दिर में भाव जगाले अपने धाम बुलायेंगे।

कर ले तू सतसंग रसपान


मोह से दृष्टि हटा ले तू

भावना शुद्ध बना ले तू।

कर ले तू भक्ति रस पान फिर तोय गले लगायेंगे।

कर ले तू सतसंग रसपान


व्यसनों की छोड़ डगरिया।

हरि को भज ले तू बाबरिया।।

बीच भँवर में डूबी नाव तेरी पार लगायेंगे।

कर ले तू सतसंग रसपान


माया साथ न देय निगोड़ी।

भज ले हरी समय रही थोड़ी।

महावीर भूल करे क्यों भारी प्रभु तुझको अपनायेंगे।

कर ले तू सतसंग रसपान