कर्पूर गौरम करूणावतारम (Karpur Gauram Karunavataram Lyrics in Hindi) -
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्
सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्
निशुम्भ शुम्भ गर्जनी, प्रचण्ड मुण्ड खण्डिनी
बनेरणे प्रकाशिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी
(भजामि विन्ध्यवासिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी)
त्रिशूल मुण्ड धारिणी, धरा विघात हारिणी
गृहे-गृहे निवासिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी
(भजामि विन्ध्यवासिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी)
दरिद्र दुःख हारिणी, सदा विभूति कारिणी
वियोग शोक हारिणी, भजामि विन्ध्यवासिनी
(भजामि विन्ध्यवासिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी)
लसत्सुलोल लोचनं, लतासनं वरप्रदं
कपाल-शूल धारिणी, भजामि विन्ध्यवासिनी
(भजामि विन्ध्यवासिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी)
सृष्टि के रक्षा ला तूँ लाखों रूप धइलु
धर्मी के धरम तुँहीं मइया बचइलु
सृष्टि के रक्षा ला तूँ लाखों रूप धइलु
धर्मी के धरम तुँहीं मइया बचइलु
धर्मी के धरम तू हीं मइया बचइलु
गुनगान तोहर करे भोले शंकर
शीश झुकावे सृष्टि के स्वामी
सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्
कराब्जदानदाधरां, शिवाशिवां प्रदायिनी
वरा-वराननां शुभां भजामि विन्ध्यवासिनी
(भजामि विन्ध्यवासिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी)
कपीन्द्न जामिनीप्रदां, त्रिधा स्वरूप धारिणी
जले-थले निवासिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी
(भजामि विन्ध्यवासिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी)
विशिष्ट शिष्ट कारिणी, विशाल रूप धारिणी
महोदरे विलासिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी
(भजामि विन्ध्यवासिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी)
पुंरदरादि सेवितां, पुरादिवंशखण्डितम्
विशुद्ध बुद्धिकारिणी, भजामि विन्ध्यवासिनी
(भजामि विन्ध्यवासिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी)
गावेलें भजनिया
महिमा से भरल माई तोहर बा चरनिया
गावेलें भजनिया
महिमा से भरल माई तोहर बा चरनिया
महिमा से भरल माई तोहर बा चरनिया
चरनिया के धुरिया तोहर लागेला चंदन
उमर-भर करे मन करीं हम गुलामी
सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्