शिव कू कैलाश
शिव कू कैलाश देखा मगन व्हेगे
डोली देवतों की देखा पैतान लैगे
बाबा केदार मेरा साजन लैगे
दम दम दमरू बजान लैगे
ढोल दमो भंकोरा बाजन लैगे
श्रृंगार होणु भस्म कू भगंबर पैरिन च
गला शर्प माला मुंड मा चंदा सज्युं च
जटा भस्मधारी हे त्रिनेत्र धारी
जटा भस्मधारी देखा नाचन लैगे
दम दम दमरू बजान लैगे
भूत प्रेत गैल मां बाबा नंदी की सवारी
रंगमट बन्या द्यो देवता नाचनी दुनिया सारी
नीलकंठधारी बाबा गंगाधारी
मेरा भोला भंडारी देखा नाचन लैगे
(रिपीट: दम दम दमरू बजान लैगे...)
हर हर महादेव!
🙏 भजन का अर्थ और संदेश
यह गढ़वाली शिव भजन (महाशिवरात्रि 2026 स्पेशल) भगवान शिव के कैलाश पर्वत पर विराजमान दिव्य रूप और उनकी भव्य सवारी का उत्साहपूर्ण वर्णन करता है। "शिव कू कैलाश देखा मगन व्हेगे" से भक्त मग्न हो जाते हैं – देवताओं की डोली, केदारनाथ के स्वामी, दमरू की थाप, ढोल-भंकोरा, भस्म श्रृंगार, जटा में भस्मधारी त्रिनेत्र, सर्प माला, चंदा, भूत-प्रेत संग नंदी सवारी, नीलकंठ गंगाधारी भोला भंडारी – ये सभी प्रतीक शिव के अद्भुत, भयंकर और दयालु स्वरूप को दर्शाते हैं। पूरी दुनिया नाच उठती है उनकी कृपा से। संदेश है: शिव भक्ति में आनंद, नृत्य और समर्पण है – देवभूमि उत्तराखंड और हिमालय की पावन भूमि में महादेव की महिमा गाओ।
अभिलिप्सा पांडा की शक्तिशाली आवाज़ में यह नया गढ़वाली भजन 2026 महाशिवरात्रि को और भी दिव्य बनाता है।
🎵 गायक: अभिलिप्सा पांडा (Abhilipsa Panda)
अभिलिप्सा पांडा उत्तराखंड की प्रसिद्ध गढ़वाली और पहाड़ी भजन गायिका हैं, जिन्हें "Rockstar Abhilipsa Panda" के नाम से जाना जाता है। उनकी जोशीली और भावपूर्ण आवाज़ ने कई क्षेत्रीय शिव भजनों को लोकप्रिय बनाया है। इस 2026 महाशिवरात्रि स्पेशल में अरविंद भारद्वाज के बोल एवं रचना, आर नादे का संगीत है। यह ट्रैक देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति और शिव भक्ति को जीवंत करता है।