कुंभ मेला में रमता जोगी (kumbh mele mein ramata jogee lyrics in hindi)



कुंभ मेला में रमता जोगी,

गंगा किनारे बसेरा।

सिर पर जटा और गले में माला,

हाथ में लिए है डमरू।


हर-हर गंगे, भोले के नारे,

भक्तों का मेला लगा।

दूर-दूर से आए हैं श्रद्धालु,

गंगा में डुबकी लगाई।


जय हो भोलेनाथ, जय हो शिव शंकर,

जय हो त्रिपुरारी।

सबके संकट हरने वाले,

भोले बाबा रखवाली।


(दोहराव)

कुंभ मेला में रमता जोगी,

गंगा किनारे बसेरा।

सिर पर जटा और गले में माला,

हाथ में लिए है डमरू।