मुसीबत में साथी श्याम सरकार था ( Musibat Ka Sathi Shyam Sarakar Tha ) | Kismat (किस्मत ) | Khatu Shyam Bhajan | by Shivam Sharma - BhaktiLok
मुसीबत में साथी श्याम सरकार था ( Musibat Ka Sathi Shyam Sarakar Tha Lyrics ) | Kismat Lyrics (किस्मत ) | Khatu Shyam Bhajan | by Shivam Sharma
मुसीबत में साथी श्याम सरकार था ,श्याम सरकार थाआज भी है और कल भी रहेगालाचार था टुकड़ों को मैं दर दर फिरता मारा माराजिनको अपना समझा सभी अपनों ने किया किनाराश्याम पे भरोसा मेरा तब भी बरकरार था , तब भी बरकरार थाआज भी है और कल भी रहेगाजीएवं नैया मेरी भवर में खाये डगमग डोलेबड़ी दूर किनारा था फांसी लहरों में खाये हिचकोलेएक ही सहारा श्याम नाम पतवार था, नाम पतवार थाआज भी है और कल भी रहेगाजब बाबा कृपा करें अमावस बन जाए पूरणमासीदर्शन की आस लिए श्याम दर खड़ा कृष्ण बृजवासीतेरा गुणगान मेरा यही कारोबार था, यहॉ कारोबार थाआज भी है और कल भी रहेग