Shri Shani Dev Arati

राम को देख कर श्री जनक नंदिनी लिरिक्स (Ram ko dekhkar shri janak nandini Lyrics in Hindi) - Ram Bhajan - Bhaktilok

373 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

प्रस्तावना एवं परिचय

राम भक्ति की अनोखी दास्तान

इस भजन में श्री राम के प्रति भक्ति और प्रेम की भावना का अद्भुत वर्णन है।

राम को देख कर श्री जनक नंदिनी लिरिक्स (Ram ko dekhkar shri janak nandini Lyrics in Hindi) - राम को देख कर के जनक नंदिनीबाग में वो खड़ी की खड़ी रह गयी-2राम देखे सिया माँ सिया राम कोचारो अँखिआ लड़ी की लड़ी रह गयी॥थे जनक पुर गये देखने के लिएसारी सखियाँ झरोखो से झाँकन लगे -2देखते ही नजर मिल गयी प्रेम कीजो जहाँ थी खड़ी की खड़ी रह गयी॥॥श्री राम को देख कर के श्री जनक नंदिनी...॥बोली एक सखी राम को देखकररच गयी है विधाता ने जोड़ी सुघर।पर धनुष कैसे तोड़ेंगे वारे कुंवरमन में शंका बनी की बनी रह गयी॥॥श्री राम को देख कर के श्री जनक नंदिनी...॥बोली दूसरी सखी छोटन देखन में हैफिर चमत्कार इनका नहीं जानती।एक ही बाण में ताड़िका राक्षसीउठ सकी ना पड़ी की पड़ी रह गयी॥॥श्री राम को देख कर के श्री जनक नंदिनी...॥राम को देख कर के जनक नंदिनीबाग में वो खड़ी की खड़ी रह गयी।राम देखे सिया को सिया राम कोचारो अँखिआ लड़ी की लड़ी रह गयी॥
साझा करें:

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन के बोल राम और सीता के मिलन की सुंदरता का चित्रण करते हैं। जनक नंदिनी सीता, जब राम को देखती हैं, तो वह पूरी तरह से मंत्रमुग्ध हो जाती हैं। 'राम को देख कर' का अर्थ है कि राम के दर्शन मात्र से सीता का हृदय प्रेम से भर जाता है। जब सीता अपनी सखियों के साथ हैं, तब यह स्पष्ट होता है कि उनके लक्षण और गुण सभी को आकर्षित करते हैं। हर सखी की आँखों में राम के प्रति एक विशेष भाव है, जो दर्शाता है कि केवल राम ही एक प्रेरक शक्ति हैं। यह प्रेम, भक्ति और समर्पण को दर्शाता है जो भजन का मुख्य संदेश है।

सीता की भावनाएँ गहरी हैं जब वह राम को देखती हैं। उनके मन में व्याप्त शंका और प्रेम का द्वंद्व इस भजन में प्रमुखता से उभरता है। पहली सखी का संवाद दर्शाता है कि विधाता ने राम और सीता को एक-दूसरे के लिए निर्धारित किया है। इसके अतिरिक्त, दूसरी सखी का यह कहना कि 'छोटन देखन में है' राम के अद्भुत चमत्कार को दर्शाता है। यह भजन दर्शाता है कि राम केवल एक व्यक्ति नहीं हैं बल्कि प्रेम, करुणा और शक्ति का एक अवतार हैं। इस प्रकार, भावार्थ में सीता की सरलता और आराधना की गहराई का वर्णन किया गया है।

यह भजन भक्ति मार्ग के गूढ़ तत्वों को उजागर करता है। राम का नाम लेना, उनके प्रति भक्ति दिखाना, और उनका दर्शन करना आत्मा की शांति का साधन है। भक्ति में प्रेम और समर्पण का सम्बन्ध है, जहाँ भक्त राम के प्रति अपने भावों को व्यक्त करता है। राम का जीवन स्वयं एक मार्ग दर्शक है, जो हमें सिखाता है कि जीवन में प्रेम, सत्य, और धर्म का पालन करना आवश्यक है। यह भजन सीता और राम की लीलाओं का एक अनुपम प्रतिनिधित्व है, जो हमें भक्ति के मार्ग से जोड़ता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन का संदर्भ रामायण से है, जहाँ भगवान राम और माता सीता का विवाह होता है। विदेह राजा जनक की पुत्री सीता के प्रति राम का प्रेम जगजाहिर है। यह भजन दिखाता है कि किस तरह से राम ने देवी सीता के हृदय में प्रेम जगाया। शास्त्रों में राम के गुणों का विस्तार से वर्णन किया गया है, जिससे यह ज्ञात होता है कि वे 'परम सत्य' और 'धर्म' के प्रतीक हैं। इसे सुनने से भक्तों में राम के प्रति भक्ति का भाव जागृत होता है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। इस भजन का गायन मानसिक शांति, साकारात्मक सोच और आत्म-संयम को बढ़ाता है। यह भक्ति से मन में स्थिरता लाता है, जिससे तनाव और चिंता कम होती है। नियमित रूप से इस भजन का सुनना आंतरिक संतोष और भक्ति की भावना को प्रबल करता है। इसे गाकर भक्त अपने जीवन में सुख और समृद्धि का अनुभव कर सकता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जाप सुबह की ध्यान साधना के समय या शाम को लक्ष्मण के समय करना लाभकारी होता है। भक्ति भाव से इसे गाने के लिए सफेद दीया जलाना अच्छा माना जाता है। इस भजन के दौरान भक्त को ध्यान केंद्रित रखना चाहिए और राम के नाम का जाप करते हुए प्रेम और भक्ति का अनुभव करना चाहिए। यह शरीर और मन को शुद्ध करने का एक माध्यम है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

राम को देख कर श्री जनक नंदिनी भजन किस बारे में है?

यह भजन माता सीता के राम के प्रति प्रेम और समर्पण को दर्शाता है, जब वे उन्हें देखती हैं।

इस भजन का महत्व क्या है?

इस भजन का महत्व रामायण के प्रसंगों से बंधा है, जहाँ राम और सीता के प्रेम का वर्णन मिलता है।

क्या इस भजन का पाठ करने से कोई लाभ होता है?

इस भजन का पाठ करने से मानसिक शांति और आत्मिक संतोष प्राप्त होता है, जिससे जीवन में सकारात्मकता आती है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!