शंभु नाथ रे भजन लिरिक्स (Shambhu Nath Re Lyrics in Hindi) - 


दोहा -


कर्पूरगौरं करुणावतार संसारसारं भुजगेंद्रहारम्।

सदा बसंत हृदयरबिन्दे भवन भवानीसेहितन नामामि..


तेरे सर पर गंगा की धारा

माथे पे चांद चकोरा

गूँजे है नाद शंभु नाथ रे


तेरे सर पर गंगा की धारा

माथे पे चांद चकोरा

गूँजे है नाद शंभु नाथ रे


जय जय भोलेनाथ शंभु

महादेव शिव शंकर

जय जय भोलेनाथ शंभु

महादेव शिव शंकर


मन में बसा है रूप तेरा

कितना सुंदर है, कितना सुंदर है

आदी न अंत है सबके अंदर है

सबके अंदर है


पिकर खुद ही विष का प्याला

दुनिया को अमृत दे डाला

मेरा शिव है भोला भला भोलेनाथ जी


तेरे सर पर गंगा की धारा

माथे पे चांद चकोरा

गूँजे है नाद शंभु नाथ रे


तेरे सर पर गंगा की धारा

माथे पे चांद चकोरा

गूँजे है नाद शंभु नाथ रे


द्वार दया के खोलो

हमको तेरा सहारा है

तेरा सहारा है

भव सागर हो पार

दिल ने तुम्हें पुकारा है

तुम्हें पुकारा है


करो कृपा त्रिशूल धारी 

तुम भक्तों के कैवारी

तुमको पूजे दुनिया 

सारी भोलेनाथ जी


तेरे सर पर गंगा की धारा

माथे पे चांद चकोरा

गूँजे है नाद शंभु नाथ रे


जय जय भोलेनाथ शंभु

महादेव शिव शंकर

जय जय भोलेनाथ शंभु

महादेव शिव शंकर

जय जय भोलेनाथ शंभु

महादेव शिव शंकर

जय जय भोलेनाथ शंभु

महादेव शिव शंकर


जय जय भोलेनाथ शंभु

महादेव शिव शंकर

जय जय भोलेनाथ शंभु

महादेव शिव शंकर


शंभु नाथ रे भजन लिरिक्स (Shambhu Nath Re Lyrics in Hindi) - Agam Agrawal जय जय भोलेनाथ शंभु - Bhaktilok