कोई श्याम सा नहीं देखा (Koi sham sa nahin dekha Lyrics in Hindi) - 


वक्त की आंधी से,

पत्थर भी पिघल जाते हैं

कह-कह फ़िर से,

अश्कों में बिख़र जाते हैं

कौंन याद करता है,

दुनिया में किसी को

वक्त के साथ साथ,

हालात बदल जाते हैं

वक्त इन्सांन का,

सम्मान करा देता है

वक्त इन्सांन का,

अपम्मान करा देता है

वक्त पड़ने पर आया है 

समझ में मेरी

वक्त इन्सांन की 

पहचान करा देता है

कोई श्याम सा नहीं देखा,

जो भी देखा वो बैवफा देखा

कोई श्याम सा नहीं देखा

कोई श्याम...


ध्यान में योगियों के आता नहीं,

संग भगतों के नाचता देखा

जो भी देखा वो बैवफा देखा

कोई श्याम सा नहीं देखा,

जो भी देखा वो बैवफा देखा

कोई श्याम सा नहीं देखा

कोई श्याम...


किस तरह द्रोपदी नगंन होती,

श्याम साड़ी में ही छिपा देखा

जो भी देखा वो बैवफा देखा

कोई श्याम सा नहीं देखा,

जो भी देखा वो बैवफा देखा

कोई श्याम सा नहीं देखा

कोई श्याम...


कदंम-कदंम पे बचाता है 

अपनें भगतों को,

ऐसा परमात्मा नहीं देखा

जो भी देखा वो बैवफा देखा

कोई श्याम सा नहीं देखा,

जो भी देखा वो बैवफा देखा

कोई श्याम सा नहीं देखा

कोई श्याम...


मैं आया हूं अब तेरे दर पे,

जब कोई आसरा नहीं देखा

जो भी देखा वो बैवफा देखा

कोई श्याम सा नहीं देखा,

जो भी देखा वो बैवफा देखा

कोई श्याम सा नहीं देखा

कोई श्याम...