महाकुंभ में हर भक्त का जीवन संतुष्ट हो (mahaakumbh mein har bhakt ka jeevan santusth ho lyrics in hindi) - 


महाकुंभ में हर भक्त का जीवन संतुष्ट हो

हरि के नाम की गूंज से मन का कलुष ध्वस्त हो।


संगम तट पर साधु-संतों का संगम शुभ हो,

हर गंगा की धारा में स्नान का पुण्य रस हो।


आस्था का दीप जले, हर दिल में उजाला हो,

महाकुंभ के इस पर्व पर सबका मंगलमय निवाला हो।


धर्म, कर्म, और भक्ति का अद्भुत संगम हो,

हर हृदय में शांति का अनमोल पलंगम हो।


महाकुंभ में हर भक्त का जीवन संतुष्ट हो,

हरि के नाम की गूंज से मन का कलुष ध्वस्त हो।