कुंभ मेला में शिव का दिव्य रूप (kumbh mele mein shiv ka divy roop lyrics in hindi)



कुंभ मेला में शिव का दिव्य रूप

हर हर महादेव, शिव शंकर का स्वरूप


गंगा की धारा, शिव का सहारा,

भक्तों ने मिलकर लगाया है नारा।

हर हर महादेव, शिव शंकर का स्वरूप।


त्रिपुरारी, महादेव, कैलाश के वासी,

संसार के पालनहार, तुम हो कालदर्शी।

कुंभ में झलकता, शिव का स्वरूप।

हर हर महादेव, शिव शंकर का स्वरूप।


जटा से बहती गंगा मैया,

भक्तों को मिलती है वरदान माया।

आओ दर्शन करो, कुंभ में स्वरूप।

हर हर महादेव, शिव शंकर का स्वरूप।


शिव तांडव का रूप निराला,

सृष्टि के कण-कण में शिव का उजाला।

कुंभ का ये मेला, शिव की है मूरत।

हर हर महादेव, शिव शंकर का स्वरूप।