कुंभ मेला में स्वर्गीय अनुभव (kumbh mele mein divy anubhav lyrics in hindi) 


(पहला पद)

हर-हर गंगे, जय गंगे माँ,

तेरे तट पर हर भक्त का मान।

स्नान करें, पावन जल में,

मुक्त करें हर पाप के बंधन।


(दूसरा पद)

साधु-संतों का संग यहाँ,

धर्म का दीप जले जहाँ।

आत्मा को शुद्ध करें,

कुंभ में दिव्य दर्शन करें।


(तीसरा पद)

त्रिवेणी का संगम पावन,

जहाँ है ईश्वर का वास।

कुंभ का अनुभव अनमोल,

देता हर मन को विश्वास।


(चौथा पद)

भक्ति में डूबा हर इंसान,

स्वर्गीय अनुभव का एहसास।

गूँज रही है जयकारा,

हर दिल में प्रेम का वास।