कुंभ मेला में धर्म और भक्ति का मेल (kumbh mele mein dharm aur bhakti ka mel lyrics in hindi)
कुंभ मेला में धर्म और भक्ति का मेल
ध्यान में हर कोई बस एक ही सवाल,
कहाँ से आए हम, कहाँ जाएं हम।
कुंभ के तट पर सब मिलते हैं,
प्रभु की भक्ति में सब समाते हैं।
धर्म और भक्ति का संगम हो रहा है,
पुण्य और विश्वास बढ़ रहा है।
गंगा की धार में, आस्था की लहर,
कुंभ मेला, भगवती की आशीर्वाद।
स्नान करने आते हैं सब लोग यहाँ,
स्वच्छता और शुद्धता की कामना में।
कुंभ मेला का महत्व है सबके दिल में,
यहाँ मिलते हैं हर रंग और हर धर्म के लोग।
धर्म और भक्ति का संगम हो रहा है,
पुण्य और विश्वास बढ़ रहा है।
कुंभ मेला में जो आते हैं,
वो हर रूप में भगवान से मिलते हैं।