मेरे कान्हा हिंदी में - Bhaktilok
March 14, 2024
Deepak Kumar Bind
मेरे कान्हा हिंदी में (Mere Kanha In Hindi)
राधे तू बड़ भागिनी
कोन तपसिया किन
तीन लोग तारन तरन
सो तेरे हाथ हीन
नि सा सा सा रे रे रे गा गा गा मा
पा मा पा मा गा मा गा रे नि सा
एक ना त्यागे दुनिया दारी
वो मीरा केहलाई
नि सा सा सा रे रे रे गा गा गा मा
पा मा पा मा गा मा गा रे नि सा
दूजी राधा रानी बनके
श्याम सलोना पाई
मुझको भी तू अपना ले
मन वृंदावन बन जाए
मुझमे तू ही बस जाए
और मन तुझमे रम जाए
ओ मेरे कान्हा
ओ मेरे कान्हा
ओ मेरे कान्हा
ओ मेरे कान्हा
जय जय राधा रमन हरी बोल
जय जय राधा रमन हरी बोल
जय जय राधा रमन हरी बोल
जय जय राधा रमन हरी बोल
धड़कन धड़कन राधिका
नस नस उड़ती प्रीत
बरसाने में गूँजता
मुरली का संगीत
ओ मेरे कान्हा सब जन जापी
तेरो नाम ही सुबहो शाम
जो मन वैरागी ठेहरे
कान्हा उनमे खुद छुप जाएगा
लगन तुमसे लगा बैठे
ओ मेरे कान्हा
ओ मेरे कान्हा
ओ मेरे कान्हा
ओ मेरे कान्हा
गोरे मुख पे टील बने
दाही करो प्रणाम
मानो चाँद बिछाई के
पोढे सालक राम
है दिखता जुगनू जग मग
सूरज चाँद खुद से चमके ऐसे
खुद से चमके ऐसे
सबसे सुपरहिट भजन: ऐसी लागी लगन
हाँ के मिलता कण कण में कान्हा
का दर्शन हर गोपी को जैसे
हर गोपी को जैसे
ओ मेरे कान्हा तेरा सेवक करता
तुझसे ही दरकार
ये धरती तुझे घूमे
नम चूमे है कदम तेरे सरकार
ओ मेरे कान्हा
ओ मेरे कान्हा
ओ मेरे कान्हा
ओ मेरे कान्हा
जय जय राधा रमन हरी बोल
जय जय राधा रमन हरी बोल
जय जय राधा रमन हरी बोल
जय जय राधा रमन हरी बोल
जय जय राधा रमन हरी बोल
जय जय राधा रमन हरी बोल
जय जय राधा रमन हरी बोल
जय जय राधा रमन हरी बोल
जय जय राधा रमन
जय जय राधा रमन
जय जय राधा रमन
जय जय राधा रमन
जय जय राधा रमन
जय जय राधा रमन
हरी बोल हरी बोल
हरी बोल हरी बोल
हरी बोल हरी बोल
हरी बोल हरी बोल
मेरे कान्हा
राधे तू बड़ भागिनी
कोन तपसिया किन
तीन लोग तारन तरन
सो तेरे हाथ हीन
नि सा सा सा रे रे रे गा गा गा मा
पा मा पा मा गा मा गा रे नि सा
एक ना त्यागे दुनिया दारी
वो मीरा केहलाई
नि सा सा सा रे रे रे गा गा गा मा
पा मा पा मा गा मा गा रे नि सा
दूजी राधा रानी बनके
श्याम सलोना पाई
मुझको भी तू अपना ले
मन वृंदावन बन जाए
मुझमे तू ही बस जाए
और मन तुझमे रम जाए
ओ मेरे कान्हा
ओ मेरे कान्हा
ओ मेरे कान्हा
ओ मेरे कान्हा
जय जय राधा रमन हरी बोल
जय जय राधा रमन हरी बोल
जय जय राधा रमन हरी बोल
जय जय राधा रमन हरी बोल
धड़कन धड़कन राधिका
नस नस उड़ती प्रीत
बरसाने में गूँजता
मुरली का संगीत
ओ मेरे कान्हा सब जन जापी
तेरो नाम ही सुबहो शाम
जो मन वैरागी ठेहरे
कान्हा उनमे खुद छुप जाएगा
लगन तुमसे लगा बैठे
ओ मेरे कान्हा
ओ मेरे कान्हा
ओ मेरे कान्हा
ओ मेरे कान्हा
गोरे मुख पे टील बने
दाही करो प्रणाम
मानो चाँद बिछाई के
पोढे सालक राम
है दिखता जुगनू जग मग
सूरज चाँद खुद से चमके ऐसे
खुद से चमके ऐसे
हाँ के मिलता कण कण में कान्हा
का दर्शन हर गोपी को जैसे
हर गोपी को जैसे
ओ मेरे कान्हा तेरा सेवक करता
तुझसे ही दरकार
ये धरती तुझे घूमे
नम चूमे है कदम तेरे सरकार
ओ मेरे कान्हा
ओ मेरे कान्हा
ओ मेरे कान्हा
ओ मेरे कान्हा
जय जय राधा रमन हरी बोल
जय जय राधा रमन हरी बोल
जय जय राधा रमन हरी बोल
जय जय राधा रमन हरी बोल
जय जय राधा रमन हरी बोल
जय जय राधा रमन हरी बोल
जय जय राधा रमन हरी बोल
जय जय राधा रमन हरी बोल
जय जय राधा रमन
जय जय राधा रमन
जय जय राधा रमन
जय जय राधा रमन
जय जय राधा रमन
जय जय राधा रमन
हरी बोल हरी बोल
हरी बोल हरी बोल
हरी बोल हरी बोल
हरी बोल हरी बोल