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स्वामी नारायण नारायण हरे हरे लिरिक्स (Swami narayan narayan hare hare Lyrics in Hindi) - Shree Hari Bhajan - Bhaktilok

162 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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श्री हरि नारायण: भक्तिपूर्ण समर्पण का गीत

स्वामी नारायण की महिमा का गायन करते हुए, यह भजन भक्तों को भक्ति और समर्पण से जोड़ता है।

स्वामी नारायण नारायण हरे हरे लिरिक्स (Swami narayan narayan hare hare Lyrics in Hindi) -( तीन लोक के स्वामी श्री हरी नारायण भगवानभक्ति भाव से सुमिरन कर लोभक्ति भाव से सुमिरन कर लो हरी जी करे कल्याण। )नारायण...स्वामी नारायण नारायण हरे हरेبولो नारायण नारायण हरे हरेभजमन नारायण नारायण हरे हरेनारायण.....प्रभु चर्तुभुजी नारायण होश्री लक्ष्मीपती नारायण होसागर में शेष की शैय्यापरश्री जगतपती नारायण होनारायणप्रभु शंख चक्र गदाधारीश्री त्रिभुवनपती अन्तर्यामीदेवाधिदेव श्री विष्णु हरीश्री सत्य नारायण स्वामी हरीस्वामी नारायण नारायण हरे हरेभजमन नारायण नारायण हरे हरेबोलो नारायण नारायण हरे हरे...हयग्रीव चुराया वेदों कोसागर में उसने छुपा दियाप्रभु मछ्ली का अवतार लिएफिर देवो का उद्धार कियामत्स्य नारायणअमृत के लिए सब देव असुरसागर का मंथन है करतेहिलते पर्वत को पीठ धरेश्री हरी कश्छप अवतार लिएकश्छप नारायणभजमन नारायण नारायण हरे हरेबोलो नारायण नारायण हरे हरेस्वामी नारायण नारायण हरे हरे...एक राक्षस था वो हिरण्याक्षपृथ्वी को जल में छुपा दियाअवतार लिए वाराह का हरीउसे वध कर पृथ्वी छुड़ा दियावाराह नारायणप्रहलाद भक्त नारायण काथा पिता हिरण्यकश्यप द्रोहीप्रभु खम्बा फाड़ नरसिंह बनेसंहारे दानव विद्रोहीनरसिंह नारायण नरसिंह नारायणभजमन नारायण नारायण हरे हरेस्वामी नारायण नारायण हरे हरेबोलो नारायण नारायण हरे हरे...इन्द्रासन को पाने के लिएबलि राजा दान यज्ञ करतेहरी वामन रूप में मांगे दानब्रह्मांड तीन पग नाप लिएवामन नारायण वामन नारायणदुष्टों को दंडित करने कोभूभार हरण करने के लिएसृष्टि को बचाने के ही लिएभगवान परशुराम है प्रगटेपरशु नारायणभजमन नारायण नारायण हरे हरेस्वामी नारायण नारायण हरे हरेबोलो नारायण नारायण हरे हरेभजमन नारायण नारायण हरे हरे...अभिमानी और अत्याचारीपापी रावण के घृणित कामउसके संहार हेतु प्रगटेदशरथ नंदन भगवान रामराम नारायणवो कंस था मथुरा का राजावह दुष्ट पापी अत्याचारीहरी उसके संहार हेतु जन्मेप्रभु कृष्ण गोवर्धन गिरधारीकृष्ण नारायणबोलो नारायण नारायण हरे हरेस्वामी नारायण नारायण हरे हरेभजमन नारायण नारायण हरे हरे...

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन में स्वामी नारायण, जो कि तीन लोकों के स्वामी हैं, की महिमा का वर्णन किया गया है। पहले पद में भक्त उसी थान पर ध्यान केंद्रित करते हैं जहाँ स्वामी नारायण का नाम लिया गया है। 'हरी जी करे कल्याण' का संकेत है कि अपनी भक्ति में सच्चे मन से किया गया स्मरण केवल व्यक्तिगत कल्याण ही नहीं, अपितु समाज की भलाई के लिए भी है। स्वामी नारायण के चार भुजाएँ हैं और उन्हें लक्ष्मीपति, जगतपति, और अन्तर्यामी कहा गया है। यहाँ यह संदेश स्पष्ट है कि भगवान की कृपा से हर एक जीव की बाधाएँ दूर हो सकती हैं।

भजन में स्वामी नारायण के विभिन्न अवतारों का भी उल्लेख है। जैसे 'वत्स्य नारायण' मछली के अवतार में, और 'वाराह नारायण' जो धरती को दबाने वाले हिरण्याक्ष को उद्धार करते हैं। यह दर्शाता है कि भगवान का अपार करुणा और दिव्यता सभी जीवों की रक्षा करती है, चाहे वह कितनी भी विपत्ति में हों। 'नरसिंह' का अवतार असुर हिरण्यकश्यप के प्रतिकूल लक्षित किया गया है, जो यह प्रदर्शित करता है कि भगवान राक्षसों के अत्याचारों का नाश कर सच्चे भक्तों की रक्षा करते हैं।

इस भजन में भक्ति मार्ग की गहनता का भी प्रतीक है। यहाँ भगवान के विभिन्न अवतारों के माध्यम से यह बताया गया है कि भक्त किस प्रकार से भगवान की महिमा का गान करके उन्हें अपने जीवन का अंश मानते हैं। भगवती राम और कृष्ण का उल्लेख इस विश्वास का द्योतक है कि भगवान सदा सच्‍चे भक्तों की रक्षा करते हैं। इसके माध्यम से भक्तों को यह प्रेरणा मिलती है कि भक्ति की सच्चाई ईश्वर के प्रति श्रद्धा और प्रेम को प्रकट करने में है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

यह भजन भारतीय पौराणिक कथाओं से गहराई से जुड़ा हुआ है, जिसमें विष्णु पुराण और भागवत पुराण की उद्धृतियाँ शामिल हैं। भगवान नारायण के विभिन्न अवतारों को गाना एक महत्त्वपूर्ण विधि है, जो भक्तों में श्रद्धा का संचार करता है। रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथों में भगवान नारायण की महिमा का गुणगान किया गया है, जहाँ वे संकट में पड़े हुए भक्तों की सहायता के लिए प्रकट होते हैं। यह भजन भक्तों को उनके अदृश्य प्रेम और संरक्षण का एहसास कराता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का जाप मानसिक शांति, स्थिरता और आध्यात्मिक विकास को प्रेरित करता है। यह भक्तों को नकारात्मकता से दूर रखता है और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। नियमित रूप से इसे गाने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और समग्र कल्याण की प्राप्ति होती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जाप सुबह-सुबह या संध्या में किया जाता है। इसे गाने से पहले एक दीया जलाना और फूल अर्पित करना सर्वोत्तम माना जाता है। ठीक से बैठकर, ध्यान केंद्रित करके भगवान के नाम का उच्चारण करना चाहिए, जिससे मन शांति और समर्पण की अवस्था में पहुँचे।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

स्वामी नारायण नारायण हरे हरे भजन का क्या महत्व है?

यह भजन भगवान नारायण की महिमा को प्रकट करता है और भक्ति में समर्पण को बढ़ाता है। यह भक्तों को प्रेरित करता है कि वे ईश्वर से सही मार्ग पर चलें और उनके प्रति भक्ति रखें।

क्या इस भजन के जाप से मानसिक शांति मिलती है?

हाँ, स्वामी नारायण नारायण हरे हरे भजन का जाप मानसिक शांति और संतुलन प्रदान करता है, जिससे जीवन में सकारात्मकता एवं आत्मशक्ति का अनुभव होने लगता है।

भजन का सही समय और तरीका क्या होना चाहिए?

इस भजन का जाप सुबह या शाम को किया जाना चाहिए, दीप जलाकर और श्रद्धा से बैठकर। ध्यान लगाते हुए, भगवान का नाम लेना भक्ति की पूर्णता के लिए आवश्यक है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 02 Sep 2026

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