Krishna Bhajan

जब तक साँसें चलेंगी खाटू आऊंगा श्याम (Jab Tak Saanse Chalegi Khatu Aaunga Shyam Lyrics in Hindi) - Shyam Bhajan by Niranjan Singh Tanwar - Bhaktilok

161 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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प्रस्तावना एवं परिचय

श्याम के प्रति अनन्य भक्ति का गीत

इस भजन के माध्यम से श्याम जी की निरंतर भक्ति और प्रेम को व्यक्त करें।

जब तक साँसें चलेंगी खाटू आऊंगा श्याम तेरे बिना एक पल कहीं मुझे ना आराम मेरी साँसों में तू है बसा तेरे दर्शन का मुझको नशा मेरे मन की ऐसी लगन तेरे भजनो में रहूं मगन जब तक साँसें चलेंगी ................. तुझसे पायी है हर एक ख़ुशी वर्ना रहता ये प्रेमी दुखी जबसे पाया तेरा साथ है मिल गई हर ये सौगात है जब तक साँसें चलेंगी ................. अब ना कोई है चिंता फिकर संग तू चलता है हर एक डगर दर्शन मिले जो अवि को है श्याम तू ही कन्हैया तू मेरा राम जब तक साँसें चलेंगी .................
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

भजन की पहली पंक्ति 'जब तक साँसें चलेंगी खाटू आऊंगा श्याम' इस बात को दर्शाती है कि भक्त की श्रद्धा और devotion श्याम की ओर अटूट है। यह उस गहरी आस्था की ओर संकेत करता है जो भक्त के हृदय में बसी हुई है। श्याम जी, जिन्हें कान्हा और राम के रूप में भी पूजा जाता है, उन पर विश्वास रखना ही भक्त का जीवन-धर्म है। 'तेरे बिना एक पल कहीं मुझे ना आराम' इस वाक्य से स्पष्ट है कि भक्त को अपने प्रभु की उपस्थिति के बिना कोई शांति नहीं मिलती। भक्ति का यह स्वरूप न केवल एक साधारण प्रार्थना है, बल्कि यह उस गहन संबंध का भी प्रतीक है जो भक्त और देवता के बीच होता है। यह सम्पूर्ण गान भक्त की भक्ति, उसकी तृप्ति और उसके मन की गति को दर्शाता है।

भजन में भावनाओं और संदर्भों की भरपूरता है। 'मेरी साँसों में तू है बसा तेरे दर्शन का मुझको नशा' यह पंक्ति दर्शाती है कि भक्त की जीवन शक्ति और उसकी साँसों में श्याम का निवास है। भक्त यह स्वीकार करता है कि केवल श्याम की भक्ति और उनके दर्शन से उसे खुशी और संतोष प्राप्त होता है। 'अब ना कोई है चिंता फिकर संग तू चलता है हर एक डगर' इस वाक्य के माध्यम से भक्त यह बताना चाहता है कि ज जब प्रभु साथ होते हैं तो जीवन की सभी परेशानियाँ दूर हो जाती हैं। यह जीवन के उतार-चढ़ाव के बीच समर्पण और प्रेम की महत्ता को प्रकट करता है।

इस भजन का भक्ति मार्ग की दार्शनिकता में महत्वपूर्ण स्थान है। भक्त की आस्था और प्रेम का यह गीत हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति का अर्थ केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर पल प्रभु के साथ रहने की भावना है। 'तू ही कन्हैया तू मेरा राम' यह श्याम जी के विभिन्न रूपों का उल्लेख करता है, जिससे भक्त की भक्ति का विस्तार होता है। भक्त को यह यकीन है कि चाहे वह किसी भी विकट परिस्थिति में हो, उसका प्रभु उसकी रक्षा करेंगे। यह भक्ति का मार्ग दर्शाता है जो न केवल आस्था में गहरा है, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सकारात्मकता लाने की ताकत रखता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

प्राप्ति की पथ पर चलने के लिए भक्तों ने श्याम जी जैसे देवता की आराधना की है, जो कि पौराणिक ग्रंथों में महानता के प्रतीक हैं। श्याम जी के दर्शन का यह गीत भक्तों के लिए संजीवनी की तरह है। 'जब तक साँसें चलेंगी' जैसी प्रार्थनाएँ हमें याद दिलाती हैं कि भक्त और भगवान के बीच कोई दूरी नहीं। श्याम के दर्शन का उल्लेख करने वाले पुराणों और ग्रंथों में भगवान कृष्ण और राम के मुस्लिम स्वरूपों पर भी ध्यान दिया गया है। धार्मिक परंपराओं में, विशेषकर भक्ति साहित्य में, ऐसे उदात्त गीत जीवन के संघर्ष में भक्ति की शक्ति को महत्व देते हैं।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का जाप करने से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आंतरिक संतोष की प्राप्ति होती है। यह न केवल भक्त के हृदय को प्रेम और करुणा से भरता है, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य में भी सुधार लाता है। नियमित रूप से इस भजन का गाना जीवन में तनाव को कम करने एवं आध्यात्मिक उन्नति में सहायक होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का उच्चारण संध्या समय में करना शुभ होता है। पूजा करते समय एक दीया जलाएं और फूलों की माला अर्पित करें। भजन गाने के समय एक शांत स्थिति में बैठें और मन को एकाग्र करें। यह भक्ति भाव को प्रकट करता है और भक्त को श्याम जी के निकट लाने में मदद करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?

इस भजन का मुख्य संदेश है कि भक्त की भक्ति और प्रेम का सच्चा अनुभव श्याम जी की उपस्थिति में ही होता है। यह जिजीविषा और समर्पण का प्रतीक है।

क्या इस भजन का गाना मानसिक शांति के लिए लाभदायक है?

हां, यह भजन मानसिक तनाव कम करने और आंतरिक शांति प्राप्त करने में सहायक है। इसे नियमित रूप से गाने से भक्त का मन प्रसन्न रहता है।

क्या इस भजन में वर्णित श्याम जी के स्वरूपों का क्या महत्व है?

इस भजन में श्याम जी को कन्हैया और राम के रूप में दर्शाया गया है, जो भक्तों के लिए उनकी अनन्त कृपा और संरक्षण का संकेत देता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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