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कुटिल वचन सबसे बुरा जा से होत न चार दोहे का अर्थ(Kutil Vachan Sabase Bura Dohe Ka Arth in Hindi) - Bhaktilok


कुटिल वचन सबसे बुरा जा से होत न चार दोहे का अर्थ(Kutil Vachan Sabase Bura Dohe Ka Arth in Hindi):- 


कुटिल वचन सबसे बुरा, जा से होत न चार ।

साधू वचन जल रूप है, बरसे अमृत धार ।


कुटिल वचन सबसे बुरा जा से होत न चार दोहे का अर्थ(Kutil Vachan Sabase Bura Dohe Ka Arth in Hindi) - Bhaktilok


कुटिल वचन सबसे बुरा जा से होत न चार दोहे का अर्थ(Kutil Vachan Sabase Bura Dohe Ka Arth in Hindi):- 

कबीर दास जी कहते हैं कि कड़वे बोल बोलना सबसे बुरा काम है, कड़वे बोल से किसी बात का समाधान नहीं होता। वहीँ सज्जन विचार और बोल अमृत के समान हैं।



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