कबीर कहा गरबियौ ऊंचे देखि अवास दोहे का अर्थ(Kabir Kaha Garabiyo Unche Dekhi Aawas Dohe Ka Arth in Hindi):-


कबीर कहा गरबियौ, ऊंचे देखि अवास ।

काल्हि परयौ भू लेटना ऊपरि जामे घास।

 

कबीर कहा गरबियौ ऊंचे देखि अवास दोहे का अर्थ(Kabir Kaha Garabiyo Unche Dekhi Aawas Dohe Ka Arth in Hindi)


कबीर कहा गरबियौ ऊंचे देखि अवास दोहे का अर्थ(Kabir Kaha Garabiyo Unche Dekhi Aawas Dohe Ka Arth in Hindi):-

कबीर कहते है कि ऊंचे भवनों को देख कर क्या गर्व करते हो ? कल या परसों ये ऊंचाइयां और आप भी धरती पर लेट जाएंगे ध्वस्त हो जाएंगे और ऊपर से घास उगने लगेगी ! वीरान सुनसान हो जाएगा जो अभी हंसता खिलखिलाता घर आँगन है ! इसलिए कभी गर्व न करना चाहिए